स्वक्षता या समझौता

हर देश में हर तरह के लोग रहते है सकारात्मक सोच वाले और नकारात्मक सोच वाले बस दोनों में अंतर इतना होता है की बहस हमेशा नकारात्मक सोच वाले करते है क्युकी उनके अंदर किसी बात को लेकर और किसी भी इंसान को लेकर सकारात्मकता होती ही नहीं है, उन्हें हर इंसान गलत नज़र आता है, 

और पॉलिथीन की बात करे हर छोटी बड़े दुकानदार की परेशानी बन गयी है हमारी प्यारे देशवासियो कृपया अपने साथ कपडे का थैला या जिसका भी आपको पसंद उसको लेकर चले क्यूंकि अगर सब्जी वाले या किसी छोटे दुकान वाले से पूछने पर पता चला कि वो चाहते है कि वो पॉलिथीन न इस्तमाल करें लेकिन ग्राहकों की वजह से उन्हें लाना पड़ता है क्यूंकि उनका कहना है कि आप नहीं देंगे तो बगल वाली दुकान से ले लेंगे हाथ में लेकर नहीं जायेंगे|

मज़बूरी में उन्हें पॉलीबैग इस्तमाल करना पड़ता है आखिर रोजी रोटी का सवाल है|
कहीं आप भी तो ऐसा नहीं करते ?

मुझे एक बात याद आयी, मैं अपने भाई कि किराने कि दुकान पर वहीँ कड़ी थी और वहां एक महिला आयी और कुछ सामान लेती और बड़े ही भाव से कहती है कि भैया एक POLLYBAG देना, और ये बात तब कि जब हमारी सरकार ने POLLYBAG या Polyethylene ( पॉलीथिन) से बने हुई चीजों पर रोक लगायी थी, ये सब देखते हुई मैंने उन महिला से कहा हमे अपनी सरकार का सहयोग करना चाहिए और पॉलीथिन नहीं इस्तेमाल करनी चाहिए तो उन्होंने तुनक कर बोला “सिर्फ हमारे करने से नहीं होगा,” उनकी इस बात को सुन कर मेरे पास क्षमता न रही उनसे बहस करने के लिए|

ऐसे ही एक और लोग जो मेरे ही जानने वाले थे उनका कहना कि सरकार कुछ नहीं कर सकती और ये उन नकारात्मक लोगो में से एक थे इन महान लोगो का कहना है कि यहाँ इस शहर में पन्नी बंद हो रही है क्यूंकि यहाँ एक व्यापारियों में एकता नहीं हैं अगर होती तो सरकार कि दम नहीं थी की वो बंद कर पाती ,  अगर सरकार इतना ही करती है तो ये बड़े – बड़े ब्रांड की पन्नी बंद करके दिखाए तो जाने, इनका सरकार कुछ नहीं कर सकती क्यों क्यूंकि ये कंपनियां सरकार को बहुत ज्यादा मात्रा में पैसा देती है इसलिए सरकार इनका कुछ नहीं कर सकती,

मेरी कुछ ऐसे लोगो से भी बात हुई जिनका कहना है अगर सरकार चलते फिरते 500 – 1000 के नोट रातों रात बंद कर सकती है तो पॉलिथीन कुछ भी नहीं है|

मुझे भी बुरा लगता है जब हमारे छोटे व्यापारी परेशां होते है इसलिए अब मैं जब कुछ लेने जाती हूँ जैसे सब्जी या फल, तो मैं अपना थैला लेकर जाती हूँ | जब उन से पॉलीबैग के लिए मना करो तो उनके चेहरे पर एक Smile आती है|

अगर हम रोज़ सब्जी, फल या अन्य सामान लेने के लिए हम पॉलीबैग के इस्तमाल करते है करना बंद कर दे तो हम एक दिन में 2 – 3 लोगो के चेहरे पर Smile ला सकते है, करके दिखिए सच में अच्छा है |

एक तो आप किसी की मुस्कराहट का कारण बनोगे और दूसरा अपने देश में इस्तमाल होने वाली 3 – 4 पॉलीबैग का इस्तमाल कम कर दोगे|

और मुझे अपने देश से प्यार है और देश में रहने वाले हर शक्श से अब सकारात्म हो या नकारात्मक | काफी हद तक हमने पॉलिथीन के मामले जीत हासिल कर ली है |

थोड़ा सा सहयोग हमे हमारे देशवासियों का चाहिए, अपना देश स्वच्छ बनाने के लिए और हमारे जीव – जन्तु के लिए बहुत सी ऐसे समाचार हमे मिलते रहते है जिनमे जल – जीव, गली के जीव जिनके पेट पॉलिथीन निकलती है जिससे उन्हें बहुत कष्ट होते है,

वैसे हम भारतवासी भविष्य को देख कर विचार विमर्श करते है ये सोचते है कि जो हम करने जा रहे उससे हमे भविष्य में क्या फायदे होंगे तो जान ले अगर ये पॉलिथीन का इस्तमाल कम हो जाये तो हमारा पर्यावरण शुद्ध होगा | हमारी गाय, भैंस और जीव जन्तु इन्हे नहीं खाएंगे जिससे हमे शुद्ध दूध मिलेगा जो हमारे लिए और हमारी आने वाली पीढ़ी दोनों के लिए लाभदायक है

कुछ लोगो का कहना है कि अगर सच में पन्नी बंद करनी है फैक्ट्री बंद कराये छोटे व्यापारियों को परेशान करने कि क्या जरुरत है ऐसे बहुत से विषय है जिनके मेरे पास कोई जवाब नहीं है अगर आपके पास है तो कृपया हमारे साथ COMMENTS में जरूर साझा करें|

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