एक अद्भुत करिश्मा – लेओनार्दो दा विन्ची

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लेओनार्दो दा विन्ची (15 अप्रैल 1452 – 02 मई 1519)

सचमुच लेओनार्दो दा विन्ची कुदरत का एक अदभुत करिश्मा थे, शायद ही कोई इतना प्रतिभाशाली होगा जितना वे थे |

लेओनार्दो दा विन्ची पुर्नजागरण के महान रचनात्मक दिमाग वालो में से एक थे, लेओनार्दो दा विन्ची एक कला कार और मूर्तिकार के रूप में बेहद प्रभावशाली इंजीनियर, साइंटिस्ट, और इन्वेंटर थे |

लेओनार्दो दा विन्ची इटली के फ्लोरेंस प्रदेश के विन्ची नाम के एक ग्राम में पैदा हुए थे | विन्ची इनका कुलनाम नहीं था ये इनको अपने ग्राम के नाम पर मिला था | ये एक रोचक बात ये है की ये बहुत ज्यादा बुद्धिमान होने के साथ – साथ ही बहुत ही ज्यादा रूपवान (सुन्दर) भी थे, मतलब too much brain with too much beauty ,

लेओनार्दो दा विन्ची इतने कुशल होने के बावजूद इन्होने कोई अकादमिक शिक्षा प्राप्त नहीं की थी | इन्होने सिर्फ पड़ना और लिखना सीखा था | और बाकि अध्भुत ज्ञान खुद से ही सीखा था |

 ये बचपन से ही बहुत अधिक बुद्धिमान थे पर इनमे पेंटिंग, म्यूजिक और मूर्तिकार प्रधान थे, लेओनार्दो दा विन्ची के पिता ने उनकी कलात्मक रूचि की सराहना करते हुए उन्हें 15 साल की उम्र में फ्लोरेंस के प्रसिद्ध मूर्तिकार और चित्रकार Andrea Del Verrocchio से शिक्षा प्राप्त करायी थी |

कुछ समय बाद Andrea Del Verrocchio ने अनुभव किया की लेओनार्दो दा विन्ची उनसे भी ज्यादा कुशल है तब उन्होंने अपना अत्यधिक ज्ञान देकर उन्हें विदा कर दिया था |

लेओनार्दो दा विन्ची एक ही समय में अपने दोनों हाथों से लिख सकते है, और इसमें आश्चर्यजनक बात ये है की ये दूसरे हांथ से लिखने के साथ – साथ पेंटिंग भी बना सकते थे, और लेओनार्दो दा विन्ची बहुत ही आसानी से अक्षरों को उलटे क्रम में लिख सकते थे जिससे Mirror Writing कहा जाता है, जिसे पढ़ने के लिए लिखा हुआ शीशे के सामने देखना पड़ता है उसके बाद लिखा हुआ आसानी से पढ़ सकते है | लेओनार्दो दा विन्ची ने Codex Hammer नामक एक बुक लिखी थी इस बुक में भी लेओनार्दो दा विन्ची ने Mirror Writing का प्रयोग किया था |

वैसे तो लेओनार्दो दा विन्ची पेंटर,आर्किटेक्ट, इन्वेंटर, माथेमैटिशन, इंजीनियर, साइंटिस्ट, स्कूलपटोर (मूर्तिकार) और एक म्यूजिशियन (संगीतकार) भी थे | पर ज्यादातर लोग इन्हे Mona Lisa और The Last Supper पेंटिंग की वजह से जानते है |

16th सदी में ही लेओनार्दो दा विन्स ने हेलीकॉटर, प्लेन और टैंक इन सबकी डिज़ाइन तैयार कर लिए थे | और इसका क्रेडिट भी लेओनार्दो को दिया गया है |

निस्संदेह Mona Lisa दुनिया की सबसे प्रसिद्ध पेंटिंग है जोकि अपनी रहस्यमय मुस्कान के लिए प्रसिद्ध है | लेओनार्दो दा विंची ने 1519 में अपनी मृत्यु से कुछ समय पहले 1503 के दौरान इसे चित्रित किया था। लेकिन शायद Mona Lisa के होंठ बनाने में लेओनार्दो दा विन्ची को सबसे ज्यादा समय लगा था और शायद लेओनार्दो दा विन्ची ने 1517 इसे जारी रखा था |

लेओनार्दो दा विन्ची ने बहुत कुछ लिखा है लेकिन Mona Lisa का जिक्र कहीं भी नहीं किया | ये भी एक रहस्य ही है किसी को नहीं पता की Mona Lisa कौन थी ? Mona Lisa के बारे में लोगो के अलग-अलग मिथ है |

The Last Supper इस पेंटिंग में Jesus को सूली दिए जाने से पहले आखिरी भोजन करते हुए दिखाया गया है|

इन्हे एक बात और बात भी ख़ास बनती है की ये पूरी तरह वेजीटेरियन थे, यहाँ बात नॉन वेजेटेरियन और वेजेटेरियन की  नहीं हो रही, यहाँ बात एक जीव प्रेमी की हो रही है क्यूंकि इन्हे जीव – जन्तु को मार कर खाना नहीं पसन्द था | ये पिंजरे में बंद जीव को इसलिए खरीदते थे की वे इन्हे आजाद कर सकें | इनकी किसी प्रेम कहानी के बारे में तो नहीं पता पर इनके जीव प्रेम के बारे में जरूर लिखा गया है |

उन्होंने इसके बारे कहा है की ………………

लियोनार्डो दा विन्ची का 67 वर्ष की आयु में 2 मई 1519 को क्लोस ल्यूस में निधन हो गया।

लेओनार्दो दा विन्ची के अंतिम शब्द ये थे …….”मैंने भगवान और मानव जाति को नाराज़ किया है क्योंकि मैं अपनी जिंदगी का जितना सदुपयोग कर सकता था उतना नहीं कर पाया |”

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